♦ जॉर्ज ऑरवेल > कडाके की सर्दियां पड़ीं. तूफानी मौसम अपने साथ ओले और हिमपात लेकर आया. उसके बाद जो कड़ा पाला पड़ा, वह फरवरी तक बना रहा. पशु पवनचक्की को फिर से बनाने में अपनी तरफ से जी जान…
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मैंने सार्वकालिक किताबें नहीं लिखीं
जॉर्ज ऑरवेल ‘बचपन से ही सोचा करता था. बड़ा होकर लेखक ही बनूंगा.’ हालांकि, सत्रह पार करते-करते इस विचार में डगमगाहट आने लगी. इसके बाद के सात-आठ साल में मैं लेखक बनने के इरादे को छोड़ देना चाहता था. कोशिश…
मार्च 2012
शब्द-यात्रा ‘प्रजा’ की यात्रा आनंद गहलोत पहली सीढ़ी ओ पड़ोसी! रिल्के आवरण कथा सम्पादकीय वंदे हास्यरसम् गोपाल प्रसाद व्यास भीतरी आनंद का बाहरी चित्र बालमुकुंद गुप्त भारतीय कला में हास्य और मनोरंजन कृष्णदत्त वाजपेयी गजानन बनाम गणनायक मेरी पहली…