♦ सूर्यभानु गुप्त > हम सब बच्चे कितने अच्छे! एक-दूसरे की बेमतलब आज खून की प्यासी दुनिया बम-मिसाइलों की दीवानी हथियारों की दासी दुनिया हम बच्चों से कुछ तो सीखें! हिल-मिलकर कैसे रहते हैं कैसे हर मन के आंगन…
♦ सूर्यभानु गुप्त > हम सब बच्चे कितने अच्छे! एक-दूसरे की बेमतलब आज खून की प्यासी दुनिया बम-मिसाइलों की दीवानी हथियारों की दासी दुनिया हम बच्चों से कुछ तो सीखें! हिल-मिलकर कैसे रहते हैं कैसे हर मन के आंगन…