Category: विधाएँ

तलाश

    <  फिनलैंड की कथाशिल्पी इवा-लिज व्युरियो की कलम से   >       मुझे लगा था कि फोरमेंटरा का बूढ़ा विन्सेंट संसार का सबसे खुशमिज़ाज व्यक्ति है और शायद सबसे गरीब भी. मुर्दे की तरह पीला उसका रंग, कूबड़ निकला…

रातगाड़ी

<   पास्तोव्स्की की रूसी कथा का सुखबीर द्वारा अनुवाद   >      वेनिस के उस छोटे-से, गंदे, खस्ता हालत होटल में जब हानस क्रिश्चियन एंडर्सन रहने के लिए आया, तो उसने मेज पर पड़ी दावात में थोड़ी-सी स्याही देखी और एक…

अंधी मां का बेटा

  ♦    रामस्वरूप अणखी          हर रोज की तरह आज भी शाम को लड़के-लड़कियां चौपाल में खेलने जुटे. कोई ताश खेल रहा था. कोइ रोड़े और कोई पीचो-बकरी. दीपा पीचो-बकरी खेल रहा था. उसके साथ दो लड़कियां और…

बहुत पुराने सपने

    ♦    डॉ. मंगलदेव शास्त्री         मनुष्य के जीवन में, विशेषतः बचपन में, ऐसी घटनाएं या अनुभव प्रायः सामने आते हैं, जो आगे चलकर स्वप्न-जैसे दिखते हैं. उनका जीवन के प्रवाह में कोई स्थान नहीं दिखता. चिरकाल…

पंखुड़ी एक गुलाब की

♦   डॉ. बी.पी.पाल             दुनिया में गुलाब पहले आया, आदमी बाद में. इतिहास की परतों में दबे-छिपे गुलाब के जीवाश्म पुरातत्त्ववेत्ताओं ने खोज निकाले हैं और उनकी राय में गुलाब की उम्र कोई तीन करोड़…