♦ पॉल गैलिको कुरूप तन एवं उजले मन वाले कलाकार, अबोध ग्रामबाला और हिम-प्रदेश के पक्षी के सुकुमार सम्बंधों की काव्यमयी कथा, द्वितीय विश्वयुद्ध की पृष्ठभूमि पर. ग्रेट मार्श याना बड़ा दलदल एसेक्स के…
Category: विधाएँ
महानता की छोटी-छोटी झांकियां
♦ सुखबीर द्वारा संकलित प्रसिद्ध दार्शनिक देकार्त से एक बार किसी ने दुर्व्यवहार किया, मगर देकार्त ने उसे कुछ न कहा. इस पर एक मित्र कहने लगे- ‘तुम्हें उससे बदला लेना चाहिये था, उसका सलूक बहुत बुरा…
लाल तिकोन
♦ अमृत राय कल की कौन कहे, मैं तो यह भी नहीं जानता कि आज के दिन हिंदुस्तान की आबादी कितनी है. कोई नहीं जानता. और तो और, इंदिरा गांधी भी नहीं जानतीं. एक विदेशी पत्रकार…
किटी हाक में मेरा कैमरा
♦ ह्यू गो पी. कुक ‘ह्यूगो, तुम्हारे लिए एक काम है’, मर्फी ने रहस्यपूर्ण दृष्टि से मेरी और देखते हुए कहा. उसकी इस बात से मैं कल्पना कर सकता था कि काम क्या होगा- वह किसी उत्सव की…
गीतों के आंसू
♦ अहमद हमीद चौथी की दुल्हन नहलायी जा रही थी. ढोलक की ढांय-ढांय दिमाग पर घूंसे लगा रही थी. बच्चों की उछल-कूद देखकर मालूम होता था कि आसमान के बहुत-से मासूम फरिश्ते अब शैतान बनकर इस घर…