Category: विधाएँ

कविता क्या है

   ♦  फिराक  गोरखपुरी          बालपन से ही मैं कुछ ऐसा अनुभव करता था कि शारीरिक या ऐन्द्रिक साधनों और माध्यमों से जो कुछ मैं अनुभव करता हूं, उसके अनुसार हर वस्तु, हर घटना, भौतिक संसार की हर झलक एक आंतरिकता…

भारतीय संस्कृति बौद्धिक है

♦  पुरुषोत्तमदास टंडन             हमारे सामने आज दो रास्ते हैं, जो भयावह हैं, डर के रास्ते हैं. भारतीय संस्कृति को इन दो रास्तों से बचाना है.     एक रास्ता वह है, जिस पर हमारे पश्चिम की…

बचकर कहां जायेगा चोर?

♦   सुरजीत       कुछ वर्ष पहले. कैलिफोर्निया का एक छोटा-सा नगर . रात गए एक जौहरी अपनी दुकान बंद कर रहा था कि एक ग्राहक उसकी दुकान में आया. उसे एक मंगनी की अंगूठी चाहिये थी और वह…

अखबारों में लिपटा हुआ बच्चा

♦   यूकिओ मिशिमा   तोशिको का पति हमेशा ही व्यस्त रहता था. आज रात भी उसे किसी से मिलने के लिए जल्दी में जाना पड़ा, और वह उसे टैक्सी में घर जाने के लिए अकेली छोड़ गया. आखिर अभिनेता की…

अकथ कथा शिकार की

♦ तुषारकांति घोष       लोग अपनी शिकार की सफलता की कहानियां लिखते हैं, मैं आज अपनी शिकार की विफलताओं की बात लिखूंगा- इस आशा से कि शायद इससे शौकिया शिकार खेलने वाले यह जान सकेंगे कि उन्हें क्या-क्या…