♦ प्रभाकर गुप्त सत्रहवीं सदी के सूफी संत शेख-पीर सत्तार जिनकी दरगाह मेरठ में है, एक किस्सा सुनाया करते थे. एक रात किसी सूनी गली में दो राहगीर मिले. उनमें परस्पर यह वार्त्तालाप हुआ- …
♦ प्रभाकर गुप्त सत्रहवीं सदी के सूफी संत शेख-पीर सत्तार जिनकी दरगाह मेरठ में है, एक किस्सा सुनाया करते थे. एक रात किसी सूनी गली में दो राहगीर मिले. उनमें परस्पर यह वार्त्तालाप हुआ- …