कवि इकबाल लहौर में अनारकली में रहते थे. वहां उन दिनों वेश्याओं के कोठे भी थे. फिर म्युनिसिपैलिटी ने वे कोठे वहां से हटवा दिये. इसके बाद की बात है. इकबाल के पुराने मुलाकाती मौलवी इंशा अल्लाह…
कवि इकबाल लहौर में अनारकली में रहते थे. वहां उन दिनों वेश्याओं के कोठे भी थे. फिर म्युनिसिपैलिटी ने वे कोठे वहां से हटवा दिये. इसके बाद की बात है. इकबाल के पुराने मुलाकाती मौलवी इंशा अल्लाह…