महान लेखक से लेख न प्राप्त होने पर ऐसा नहीं है कि सिर्फ सम्पादक ही लेखकों को तरसाते रहते हैं. सम्पादक भी बड़े बेचारे होते हैं. तरसते रहते हैं अच्छी रचनाओं के लिए. चिरौरी भी करते हैं लेखकों की. फिर…
महान लेखक से लेख न प्राप्त होने पर ऐसा नहीं है कि सिर्फ सम्पादक ही लेखकों को तरसाते रहते हैं. सम्पादक भी बड़े बेचारे होते हैं. तरसते रहते हैं अच्छी रचनाओं के लिए. चिरौरी भी करते हैं लेखकों की. फिर…